Effective Ayurvedic Medicines for Cough, Cold & Fever : Swami Ramdev | 29 Jan 2015 (Part 1)

परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने इस विडियो में कफ रोगों में आयुर्वेद चिकित्सा के बारे में बताये हैं |
जहाँ मेडिकल साइंस खत्म हो जाता हैं वह आयुर्वेद का साइंस शुरू होता हैं, और दुसरे अर्थ के इस रूप में यह पराविद्या तो हैं ही और जब आदमी चारो तरफ से इलाज करा लिया तो वह आयुर्वेद की तरफ आया, यह भी उतनी ही बड़ी तयारी होनी चाहिए जब आयुर्वेद मुख्यधारा की पद्धति था सबसे पहले लोग आयुर्वेद में ही आते थे अर्थात कब्ज से लेकर कट्टार बुद्ध तक कैंसर तक में आयुर्वेद ही एक सहारा था आंकड़ो पर देखे तो आयुर्वेद पर भरोषा करने वालो की संख्या कम नही हैं लेकिन एक तरफ लाखो करोडो का व्यापार एलोपेथिक केपीछे खड़ा हो गया हैं, और इसको ताकत सा मिल गया व एलोपेथिक स्वास्थ संगठन ज्यादा हैं और इसे पूरी राजनितिक रूप से उठाया जा रहा है और विश्व स्वास्थ संगठन व एलोपेथिक स्वास्थ संगठन ज्यादा हैं बाकी पेथियो को किस तरह दबाया जाये जो पोलिसी मेकर होते हैंवो चीजो को पीछे से किस तरह पिस्ट करते हैं तो आयुर्वेद को उठाना मकसद नही हैं उनको किस तरह खत्म किया जाये यह मकसद होता हैं
जिस रोग का प्रकोप सर्वाधिक होता हैं उस रोग का आयुर्वेद में मुख्य उपचार किया जाता हैं और उसके अंदर जो साथ में बीमारिया है , उसके उपचार में जो चिकित्सा दे रहे हैं उससे लाभ हो या उनके लिए थोड़ी – थोड़ी औषिधि दे और ऐसी औषिधि दे जिससे कई फायदे होएक बीमारी का भी हम उपचार करते हैं तो जैसे सामने आती हैं कफ की बीमारी के लिए आयुर्वेद में 50 उपाय हैं और 50 उपाय तो नही लिख सकते
कुछ मुख्य उपाय – क्वाथ के रूप में देने वाली आयुर्वेद दवा – दिव्य स्वसारि क्वाथ व मुलेठी क्वाथ ,दिव्य पंचकोल चूर्ण जिनको खांसते खांसते भूख बंद हो गयी हैं उनको भूख भी लगेगी, कफ जो बन रहा हैं वो भी बंद हो जायेगा कफ निकालने का काम दिव्य स्वसारि क्वाथ वमुलेठी क्वाथ दोनों करते हैं किसी के छाती में कफ रुक जाता हैं और उसे शाम होते होते बुखार भी हो जाता हैं | जिसे ज्वर व कफ दोनों है तो उसे ज्वर नाशक दिव्य गिलोय क्वाथ देने से उसका ज्वर भी उतर जाता हैं और कफ भी ठीक हो जाता हैं, गिलोय में दोनों गुणसर्वाधिक हैं, गिलोय अत्यंत ज्वर नाशक हैं किसी भी प्रकार का ज्वर हो मलेरिया, डेंगू, इत्यादि किसी भी तरह से इन्फेक्शन से ज्वर हो जाता हैं यह गिलोय से ज्वर नाशक कोई नही हैं वजन कम करने में गिलोय का प्रयोग कर सकते हैं और शुगर को भी कम करने में गिलोयबहुत महत्वपूर्ण है किसी – किसी को बार बार सर्दी, बुखार, शरीर में इन्फेक्शन इत्यादि हैं तो वह गिलोय क्वाथ को प्रयोग कर सकते हैं यह रक्त की अशुधि व चर्म रोग में यह विशेष फायदा देता हैं गिलोय का प्रयोग हम सर्दी बुखार मोटापा और अन्य रोगों में इसका इस्तेमालकरते हैं | सामान्य कफ होने पर सितोपलादि चूर्ण व श्वासरि प्रवाही, त्रिकुटा चूर्ण या पंचकोल दे इससे ज्यादा न दे संजीवनी 2 गोली से ज्यादा न दे | यदि किसी को ज्यादा कफ हैं तो दूध बंद करना पड़ जाता हैं अगर दूध अनुकूलता हैं तो दूध हल्दी में केशर, शिलाजीतडालकर लेने से कोई दिक्कत नही होती |

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